Golden Passport क्या होता है: Golden Passport एक आम तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिसका संबंध Citizenship by Investment यानी निवेश के माध्यम से नागरिकता प्राप्त करने वाली योजनाओं से है। इसमें कुछ देशों में पात्र विदेशी नागरिकों को निर्धारित निवेश या आर्थिक योगदान के बदले नागरिकता प्राप्त करने का रास्ता दिया जाता है। Golden Passport और Golden Visa एक ही चीज नहीं हैं। Golden Visa आमतौर पर निवेश के बदले किसी देश में रहने का अधिकार देता है, जबकि Citizenship by Investment कार्यक्रम नागरिकता और उसके साथ पासपोर्ट प्राप्त करने का रास्ता प्रदान कर सकता है।
Golden Passport
दुनिया भर में पासपोर्ट कई तरह के होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में एक शब्द खूब सुर्खियों में है जिसे गोल्डन पासपोर्ट कहा जाता है। यह पासपोर्ट आपको 100 से 140 से ज्यादा देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देता है। इस पासपोर्ट को Citizenship by Investment यानी निवेश के आधार पर नागरिकता भी कहा जाता है। जिन देशों में डुअल सिटिजनशिप मान्य है, वही देश गोल्डन पासपोर्ट देते हैं। भारत में यह नियम लागू नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिक को गोल्डन पासपोर्ट लेने के बाद भारतीय पासपोर्ट छोड़ना पड़ सकता है।
कैसे मिलता है गोल्डन पासपोर्ट, क्या है पूरी प्रक्रिया
गोल्डन पासपोर्ट आसानी से नहीं मिलता, इसके लिए संबंधित देश में निवेश करना पड़ता है। निवेश की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं जैसे रियल एस्टेट में प्रॉपर्टी खरीदना, सरकारी फंड में योगदान देना, सरकारी बॉन्ड खरीदना या उस देश में बिजनेस शुरू करना। निवेश की न्यूनतम रकम आमतौर पर एक लाख यूरो से शुरू होकर दो मिलियन यूरो तक जा सकती है। आवेदनकर्ता की उम्र 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए और उसके खिलाफ कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
गोल्डन पासपोर्ट लेने के फायदे क्या हैं
गोल्डन पासपोर्ट धारक को उस देश का नागरिक माना जाता है, यानी उसे वहां रहने, पढ़ाई करने, बिजनेस करने और हेल्थ केयर जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। कई देशों का पासपोर्ट मिलने पर पूरा परिवार एक ही पासपोर्ट प्लान के तहत वीजा फ्री ट्रेवल कर सकता है। यह पासपोर्ट उन लोगों के लिए खास फायदेमंद माना जाता है जो बिजनेस, फॉरेन ट्रेवल, टैक्स प्लानिंग और ग्लोबल मूवमेंट के लिए अवसर तलाशते हैं।
किन देशों में मिलता है गोल्डन पासपोर्ट और कितनी लगती है लागत
लगभग दस देश इस प्रोग्राम के तहत निवेश के बदले पासपोर्ट जारी करते हैं।ऑस्ट्रिया में निवेश की कोई तय रकम नहीं है, लेकिन देश की इकोनॉमी में बड़ा योगदान देना पड़ता है और इसके बाद 190 देशों में वीजा फ्री सुविधा मिलती है।सेंट किट्स एंड नेविस में करीब बाईस करोड़ रुपये के निवेश पर 157 देशों में वीजा फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है।सेंट लूसिया में करीब इक्कीस करोड़ रुपये के निवेश पर 140 से अधिक देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है।ग्रेनाडा में लगभग दो करोड़ रुपये का निवेश कर 140 देशों में वीजा फ्री ट्रेवल किया जा सकता है।

